ओं तुलस्यै नमः |
ओं पावन्यै नमः |
ओं पूज्यायै नमः |
ओं बृन्दावननिवासिन्यै नमः |
ओं ज्ञानदात्र्यै नमः |
ओं ज्ञानमय्यै नमः |
ओं निर्मलायै नमः |
ओं सर्वपूजितायै नमः |
ओं सत्यै नमः | ९
ओं पतिव्रतायै नमः |
ओं बृन्दायै नमः |
ओं क्षीराब्धिमथनोद्भवायै नमः |
ओं कृष्णवर्णायै नमः |
ओं रोगहन्त्र्यै नमः |
ओं त्रिवर्णायै नमः |
ओं सर्वकामदायै नमः |
ओं लक्ष्मीसख्यै नमः |
ओं नित्यशुद्धायै नमः | १८
ओं सुदत्यै नमः |
ओं भूमिपावन्यै नमः |
ओं हरिद्रान्नैकनिरतायै नमः |
ओं हरिपादकृतालयायै नमः |
ओं पवित्ररूपिण्यै नमः |
ओं धन्यायै नमः |
ओं सुगन्धिन्यै नमः |
ओं अमृतोद्भवायै नमः |
ओं सुरूपारोग्यदायै नमः | २७
ओं तुष्टायै नमः |
ओं शक्तित्रितयरूपिण्यै नमः |
ओं देव्यै नमः |
ओं देवर्षिसंस्तुत्यायै नमः |
ओं कान्तायै नमः |
ओं विष्णुमनःप्रियायै नमः |
ओं भूतवेतालभीतिघ्न्यै नमः |
ओं महापातकनाशिन्यै नमः |
ओं मनोरथप्रदायै नमः | ३६
ओं मेधायै नमः |
ओं कान्त्यै नमः |
ओं विजयदायिन्यै नमः |
ओं शङ्खचक्रगदापद्मधारिण्यै नमः |
ओं कामरूपिण्यै नमः |
ओं अपवर्गप्रदायै नमः |
ओं श्यामायै नमः |
ओं कृशमध्यायै नमः |
ओं सुकेशिन्यै नमः | ४५
ओं वैकुण्ठवासिन्यै नमः |
ओं नन्दायै नमः |
ओं बिम्बोष्ठ्यै नमः |
ओं कोकिलस्वरायै नमः |
ओं कपिलायै नमः |
ओं निम्नगाजन्मभूम्यै नमः |
ओं आयुष्यदायिन्यै नमः |
ओं वनरूपायै नमः |
ओं दुःखनाशिन्यै नमः | ५४
ओं अविकारायै नमः |
ओं चतुर्भुजायै नमः |
ओं गरुत्मद्वाहनायै नमः |
ओं शान्तायै नमः |
ओं दान्तायै नमः |
ओं विघ्ननिवारिण्यै नमः |
ओं श्रीविष्णुमूलिकायै नमः |
ओं पुष्ट्यै नमः |
ओं त्रिवर्गफलदायिन्यै नमः | ६३
ओं महाशक्त्यै नमः |
ओं महामायायै नमः |
ओं लक्ष्मीवाणीसुपूजितायै नमः |
ओं सुमङ्गल्यर्चनप्रीतायै नमः |
ओं सौमङ्गल्यविवर्धिन्यै नमः |
ओं चातुर्मास्योत्सवाराध्यायै नमः |
ओं विष्णुसान्निध्यदायिन्यै नमः |
ओं उत्थानद्वादशीपूज्यायै नमः |
ओं सर्वदेवप्रपूजितायै नमः | ७२
ओं गोपीरतिप्रदायै नमः |
ओं नित्यायै नमः |
ओं निर्गुणायै नमः |
ओं पार्वतीप्रियायै नमः |
ओं अपमृत्युहरायै नमः |
ओं राधाप्रियायै नमः |
ओं मृगविलोचनायै नमः |
ओं अम्लानायै नमः |
ओं हंसगमनायै नमः | ८१
ओं कमलासनवन्दितायै नमः |
ओं भूलोकवासिन्यै नमः |
ओं शुद्धायै नमः |
ओं रामकृष्णादिपूजितायै नमः |
ओं सीतापूज्यायै नमः |
ओं राममनःप्रियायै नमः |
ओं नन्दनसंस्थितायै नमः |
ओं सर्वतीर्थमय्यै नमः |
ओं मुक्तायै नमः | ९०
ओं लोकसृष्टिविधायिन्यै नमः |
ओं प्रातर्दृश्यायै नमः |
ओं ग्लानिहन्त्र्यै नमः |
ओं वैष्णव्यै नमः |
ओं सर्वसिद्धिदायै नमः |
ओं नारायण्यै नमः |
ओं सन्ततिदायै नमः |
ओं मूलमृद्धारिपावन्यै नमः |
ओं अशोकवनिकासंस्थायै नमः | ९९
ओं सीताध्यातायै नमः |
ओं निराश्रयायै नमः |
ओं गोमतीसरयूतीररोपितायै नमः |
ओं कुटिलालकायै नमः |
ओं अपात्रभक्ष्यपापघ्न्यै नमः |
ओं दानतोयविशुद्धिदायै नमः |
ओं श्रुतिधारणसुप्रीतायै नमः |
ओं शुभायै नमः |
ओं सर्वेष्टदायिन्यै नमः | १०८
इति श्री तुलसी अष्टोत्तरशतनामावली |